बगीचा नगर पंचायत बना जनसेवा और जनजागरूकता का प्रभावी केंद्र

बगीचा नगर पंचायत बना जनसेवा और जनजागरूकता का प्रभावी केंद्र

सुशासन तिहार 2026: बगीचा नगर पंचायत बना जनसेवा और जनजागरूकता का प्रभावी केंद्र

सुशासन तिहार 2026: बगीचा नगर पंचायत बना जनसेवा और जनजागरूकता का प्रभावी केंद्र

जनसमस्या निवारण शिविर में नागरिकों को दिलाई गई सड़क सुरक्षा और स्वच्छता की सामूहिक शपथ

रायपुर, 13 मई 2026

सुशासन तिहार 2026: बगीचा नगर पंचायत बना जनसेवा और जनजागरूकता का प्रभावी केंद्र

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत जशपुर जिले के नगर पंचायत बगीचा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहुंचकर अपनी समस्याएं दर्ज कराईं तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
    शिविर में प्रशासन द्वारा नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के साथ-साथ जनजागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रभात सिदाम, उपाध्यक्ष श्री दिनेश शर्मा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
    कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों को सड़क सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सामूहिक शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करने, तेज गति से वाहन न चलाने तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया गया।
    शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर नागरिकों को शासन की योजनाओं और सेवाओं की जानकारी दी गई। लोगों ने अपनी समस्याएं लिखित आवेदन के माध्यम से प्रस्तुत कीं। कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया तथा शेष आवेदनों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही इसे प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।
    जनप्रतिनिधियों ने स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने और नगर को साफ-सुथरा रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
    सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित यह शिविर न केवल समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बना, बल्कि नागरिकों को जागरूक कर जिम्मेदार और सहभागी समाज निर्माण की दिशा में प्रेरित करने वाला आयोजन भी सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।