वीबीरामजी योजना एक लेकिन हरियाणा में मजदूरी 409 रु. प्रतिदिन छत्तीसगढ़ में 300 रु. क्यों?

वीबीरामजी योजना एक लेकिन हरियाणा में मजदूरी 409 रु. प्रतिदिन छत्तीसगढ़ में 300 रु. क्यों?
वीबीरामजी योजना एक लेकिन हरियाणा में मजदूरी 409 रु. प्रतिदिन छत्तीसगढ़ में 300 रु. क्यों?
 
वीबीरामजी योजना में प्रदेश के मजदूरों के साथ भेदभाव हो रहा है हरियाणा से 109 रु. कम मजदूरी अन्याय


रायपुर/03 जुलाई 2026।
 वीबीरामजी योजना के लिए भारत सरकार द्वारा जारी अलग अलग मजदूरी दर पर सवाल उठाते हुये प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मनरेगा खत्म करके वीबीरामजी योजना को मजदूरों के हित में बताने वाली भाजपा सरकार की नियत में खोट उजागर हो गया है। जब केंद्र सरकार ने एक ही योजना के लिए अलग-अलग मजदूरी दर का प्रकाशन किया। सवाल ये उठता है, वीबीरामजी योजना में काम करने वाले हरियाणा के मजदूरों को 409 रु. मजदूरी प्रतिदिन मिलेगा। लेकिन छत्तीसगढ़ के मजदूरों को मात्र 300 रु. प्रतिदिन ये तो प्रदेश के मजदूरों के साथ भेदभाव अन्याय है, जो भाजपा सरकार वन नेशन वन स्कीम का नारा लगाती है, फिर वीबीरामजी योजना में वन नेशन वन मजदूरी दर लागू क्यो नही कि?

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा वीबीरामजी योजना में 125 दिन काम देने का दावा भी हवाहवाई है। मनरेगा में तो ये सरकार 100 दिन काम नही दे पायी। प्रदेश में मनरेगा ने 62 लाख से अधिक पंजीकृत जॉब कार्डधारी है, इनमें से मात्र 42 प्रतिशत जॉब कार्ड धारियों को मात्र 38 दिन काम मिला है। जबकि मनरेगा का खर्चा 90 प्रतिशत केंद्र देती थी। 10 प्रतिशत सिर्फ राज्य को व्यय करना था। अब वीबीरामजी योजना में राज्य को 40 प्रतिशत राशि देनी है, ऐसे में 125 दिन काम मिलना संभव ही नही है। ऊपर से मजदूरी दर में भी भेदभाव है। कांग्रेस मांग करती है, प्रदेश के मजदूरों को भी हरियाणा की तरह 409 रु. प्रतिदिन की दर से मजदूरी दिया जा