न्यायालय परिसर में विशेष आकस्मिक चेकिंग अभियान

न्यायालय परिसर में विशेष आकस्मिक चेकिंग अभियान

 04 संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाही

अपराधों की रोकथाम, अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण तथा न्यायालय परिसर में सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशानुसार एवं पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता तथा पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर)  स्मृतिक राजनाला के मार्गदर्शन में आज दिनांक 19.06.2026 को न्यायालय परिसर में विशेष आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया गया।

अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र)  तारकेश्वर पटेल एवं सहायक पुलिस आयुक्त, सिविल लाइन  रमाकांत साहू के निर्देशन में किया गया। इस दौरान थाना प्रभारी सिविल लाइन, देवेन्द्र नगर सहित एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट, थाना बल तथा रक्षित केन्द्र के लगभग 70 सदस्यीय विशेष टीम द्वारा न्यायालय परिसर एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच एवं निगरानी की गई।

चेकिंग के दौरान न्यायालय परिसर में आने-जाने वाले व्यक्तियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी गई तथा संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर आवश्यक सत्यापन किया गया। अभियान के दौरान 04 व्यक्ति संदिग्ध पाए गए, जिनके विरुद्ध थाना सिविल लाइन में प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई।

अभियान का मुख्य उद्देश्य न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना तथा किसी भी प्रकार की अवांछित एवं असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना था।

इस पर न्यायालय परिसर में उपस्थित अधिवक्ताओं, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की रोकथाम करने तथा असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए इस प्रकार के आकस्मिक चेकिंग एवं निगरानी अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेंगे, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना और अधिक सुदृढ़ हो सके।