जून 1984 दोहराने की धमकी देने वाले उत्तराखंड के आशीष नेगी के खिलाफ सामने आया अकाल तख्त
श्री अमृतसर, 27 जून।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने उत्तराखंड के आशीष नेगी नामक एक शरारती व्यक्ति द्वारा सिखों को "जून 1984 दोहराने" की धमकी दिए जाने के मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड सरकार से कहा है कि ऐसे लोग देश की शांति, सद्भाव और भाईचारे के लिए गंभीर खतरा हैं।

उन्होंने कहा कि आशीष नेगी को यह नहीं भूलना चाहिए कि जिस सिख कौम के बलिदानों की बदौलत आज देश आजादी का सुख भोग रहा है, उसी कौम को वह खुलेआम धमकी दे रहा है, जिसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि नेगी के बयान से स्पष्ट होता है कि देश के कुछ शरारती तत्वों के मन में सिख विरोधी नफरत कितनी गहराई तक भरी हुई है। उन्होंने सिख समाज से अपील की कि वे ऐसे लोगों से सतर्क रहें तथा यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के उकसावे में न आएं।
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने उत्तराखंड सरकार से ऐसे शरारती तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कुछ लोगों द्वारा बार-बार सिखों के धार्मिक ककार धारण करने के अधिकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिन्हें तत्काल रोका जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि सिख और पंजाबी उत्तराखंड की यात्रा पर जाते हैं, तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है कि पहले कुछ स्थानीय लोगों ने सिख श्रद्धालुओं को उनके ककारों और धार्मिक वेशभूषा के कारण निशाना बनाया और बाद में इन घटनाओं को दोनों समुदायों के बीच सांप्रदायिक तनाव का रूप देने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार को ऐसे शरारती तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। यदि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो सिख समाज को उत्तराखंड यात्रा के संबंध में मजबूर होकर कठोर निर्णय लेना पड़ सकता है।
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने आशीष नेगी द्वारा दी गई धमकी और सिख विरोधी टिप्पणियों के संबंध में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को निर्देश दिया है कि अमृतसर में उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि ऐसे शरारती तत्वों को कानून के माध्यम से उचित सबक सिखाया जा सके।

