पूर्व मुख्यमंत्री बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ संवाद को लेकर दिए गए बयान पर सांसद पाडेय बोले - यह बघेल की हताशा का प्रतीक

पूर्व मुख्यमंत्री बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ संवाद को लेकर दिए गए बयान पर सांसद पाडेय बोले - यह बघेल की हताशा का प्रतीक

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद संतोष पाण्डेय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ संवाद को लेकर दिए गए निराधार बयान पर कड़ा प्रतिवाद करते हुए इसे उनकी हताशा का प्रतीक बताया है। पाण्डेय ने कहा कि लगातार हार की छटपटाहट में बघेल संवैधानिक संस्थाओं के साथ-साथ अब सरकारी विभागों पर झूठे आरोप मढ़कर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश कर रहे हैं। बघेल यह बात अच्छी तरह समझ लें कि कांग्रेस शासन का इमरजेंसी मॉडल जनता भूली नहीं है।
भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद पाण्डेय ने बघेल को उनके कार्यकाल का आईना दिखाते हुए कहा कि बघेल के शासनकाल में छत्तीसगढ़ ने अघोषित आपातकाल देखा है। कांग्रेस की पिछली सरकार में पत्रकारों, एक्टिविस्टों और सोशल मीडिया पर स्वतंत्र राय रखने वाले सामान्य नागरिकों तक पर राजद्रोह के मुकदमे दर्ज किए गए थे। आज बघेल किस मुँह से संवाद और पारदर्शिता की बात कर रहे हैं? पाण्डेय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ की जनता जानती है कि पिछले 5 वर्षों में 'छत्तीसगढ़ संवादÓ को किस तरह कांग्रेस का टूलकिट बनाकर रखा गया था। करोड़ों रुपए का सरकारी पैसा केवल एक चेहरे की ब्राण्डिंग और दिल्ली के आकाओं को खुश करने में फूँका गया। आज जब सरकारी तंत्र निष्पक्ष रूप से काम कर रहा है, तो बघेल के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? पाण्डेय ने कहा कि एआई और तकनीक का नाम लेकर बघेल दरअसल अपनी उन विफलताओं को छिपाना चाहते हैं जो जनता के बीच उजागर हो चुकी हैं। कांग्रेस की भूपेश-सरकार ने केवल लूट और झूठ का उत्पादन किया, जबकि भाजपा सरकार पारदर्शिता और विकास के संवाद में विश्वास रखती है।

भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद पाण्डेय ने बघेल द्वारा दीवारों के भी कान होते हैं की मिसाल देने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि शायद इसीलिए बघेल सरकार के कार्यकाल के कोयला घोटाले, शराब घोटाले और महादेव ऐप के कारनामे दीवारों से निकलकर आज जेल की सलाखों तक पहुँच रहे हैं। षड्यंत्र भाजपा नहीं करती, षड्यंत्र तो कांग्रेस की पिछली सरकार ने प्रदेश के युवाओं और किसानों के खिलाफ किया था, जिसका हिसाब प्रदेश की जनता निरंतर कर रही है। पाण्डेय ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को अनर्गल प्रलाप करने के बजाय अपने कार्यकाल के दौरान अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलने के लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा सरकार तकनीक और संचार का उपयोग लोक कल्याण के लिए कर रही है, न कि कांग्रेस की तरह दुष्प्रचार के लिए।