भाजपा नहीं चाहती झीरम का सच सामने आये - दीपक बैज

भाजपा नहीं चाहती झीरम का सच सामने आये - दीपक बैज

भाजपा नहीं चाहती झीरम का सच सामने आये - दीपक बैज

एनआईए कोर्ट के फैसले से आधा-अधूरा न्याय ही हुआ

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी राज्य की एसआईटी ने झीरम के जांच क्यों शुरू नहीं किया?

रायपुर/19 सितंबर 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज
 ने कहा कि एनआईए की जांच और फैसले में आधा न्याय ही हुआ है। झीरम घाटी कांड एक ऐसा कांड था जिसने कांग्रेस के नेतृत्व की एक पूरी पीढ़ी को ही समाप्त कर दिया था। स्वतंत्र भारत में हुई दुर्दान्त और हृदय विदारक घटना भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में डॉ. रमन सिंह के राज में घटित हुई थी इसके गुनाहगारों को सजा जरूर मिलनी चाहिये। एनआईए की जांच में गुनाहगार बाहर है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा डरती है झीरम का सच सामने आ जायेगा तो वह बेनकाब हो जायेगी। रमन सिंह से बड़ा क्रूर शासक आजाद भारत में आज तक नहीं हुआ। एक साथ विपक्ष के 32 नेताओं की हत्या हो गयी और तत्कालीन सरकार सच सामने आने देने से रोकने में पूरी ताकत लगा रखी थी। भाजपा के बड़े नेता झीरम की जांच को रोकने लगातार कोशिशें करते रहे उससे साफ है झीरम के पीछे तत्कालीन भाजपा सरकार की भूमिका संदिग्ध थी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने के बाद कांग्रेस सरकार ने झीरम हमले की जांच के लिये एसआईटी का गठन किया था लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार एनआईए से झीरम की फाइल एसआईटी को नहीं देने दिया। एनआईए को हाईकोर्ट ने भी राज्य की एसआईटी को फाईल देने का आदेश दिया, तब एनआईए सुप्रीम कोर्ट अपील में चली गई, पांच साल के अदालती लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2023 को एनआईए की अपील खारिज करते हुये कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की एसआईटी झीरम मामले की जांच कर सकती है, एनआईए फाईल वापस करे। सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने तक राज्य में सरकार बदल गयी थी। कांग्रेस मांग करती है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा गठित एसआईटी के द्वारा मामले के षड़यंत्रों की जांच शुरू करें।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जैसे ही झीरम घाटी कांड की जांच की बात आती है पता नहीं क्यों भाजपा के बड़े-बड़े नेता घबराने लगते है, किसी न किसी प्रकार से वे इसकी जांच को बाधित करने में जुट जाते हैं, कभी बयानबाजी करते हैं, कभी कोर्ट की शरण में जाते हैं, पीआईएल दायर करते हैं। किसी भी प्रकार से भाजपा झीरम घाटी की जांच को होने ही नहीं देना चाहती है। भाजपा जांच को बाधित करना चाहती है। झीरम न्यायिक आयोग की जांच पर रोक का पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक स्टे लेकर आये थे। भाजपा डरती है झीरम का सच सामने आ जायेगा तो वह बेनकाब हो जायेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आज भी छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा को घोर नक्सल इलाके से ही क्यों हटाया गया था? झीरम नरसंहार भाजपा के लिए उसकी तत्कालीन सरकार द्वारा की गई चूक मात्र हो सकती है तथा उसकी तत्कालीन सरकार द्वारा किया गया एक षड्यंत्र मात्र हो सकता है। कांग्रेस के लिए झीरम वह घाव है जो कभी नहीं भर सकता। यह घटना देश के लोकतंत्र के माथे पर लगा वह कलंक है जो कभी नही मिट सकता। कांग्रेस ने झीरम में अपने नेताओं की पूरी पीढ़ी को खोया है। कांग्रेस पार्टी झीरम के षड्यंत्र को उजागर होने का पूरा प्रयास करेगी। इस षड्यंत्र को उजागर होने में कितनी भी बाधाएं पैदा की जाए कांग्रेस उनका डट कर मुकाबला करेगी।