52 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों की किट सरकार ने अभी तक नहीं खरीदा - कांग्रेस

52 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों की किट सरकार ने अभी तक नहीं खरीदा - कांग्रेस

52 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों की किट सरकार ने अभी तक नहीं खरीदा - कांग्रेस

10 लाख बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करे सरकार
 सरकार ने अभी तक आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए किट नहीं खरीदा है, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई खेलकूद गतिविधि रूकी हुई है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 52 हजार आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन केंद्रों पर प्रदेश के लाखों छोटे बच्चे प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और बाल विकास की गतिविधियों से जुड़ते हैं। लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए जरूरी प्री-स्कूल किट की खरीदी और टेंडर प्रक्रिया तक अटकी हुई है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि जब सरकार के पास बड़े-बड़े विज्ञापनों और आयोजनों के लिए पैसा है, तो छोटे बच्चों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी किट खरीदने में इतनी देरी क्यों हो रही है? प्री-स्कूल किट केवल खिलौनों का सामान नहीं है। इसमें बच्चों को खेल-खेल में अक्षर, संख्या, रंग, आकार और बुनियादी ज्ञान सिखाने वाली सामग्री होती है। केंद्रों पर ऐसी सामग्री का अभाव सीधे बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को प्रभावित करता है। केंद्र सरकार की व्यवस्था में भी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए प्री-स्कूल/म्ब्ब्म् किट की व्यवस्था का प्रावधान है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कांग्रेस, सरकार से सवाल पूछना चाहते हैं- 52 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए प्री-स्कूल किट की खरीदी कब होगी? टेंडर प्रक्रिया अब तक क्यों पूरी नहीं हुई? जिन लगभग 10 लाख बच्चों को इन सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए, उनके लिए सरकार की समयबद्ध कार्य योजना क्या है? बच्चों की शिक्षा और पोषण राजनीति का विषय नहीं, भविष्य का सवाल है। सरकार तत्काल टेंडर जारी करे, किट की खरीदी और वितरण की समयसीमा सार्वजनिक करे और बताए कि प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा देने के लिए सरकार ने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं।