जन्माष्टमी का खास प्रसाद है धनिया पंजीरी
जन्माष्टमी के लंबे व्रत के बाद लगाएं धनिया पंजीरी का भोग, नहीं होगी पाचन संबंधी समस्याएं
जन्माष्टमी का खास प्रसाद है धनिया पंजीरी
धनिया यूं तो मसालों की श्रेणी में आता है पर यह जन्माष्टमी का खास प्रसाद माना जाता है। व्रतोपवासी लोग इससे रात में अपना व्रत खोलते हैं। मंदिरों में भी धनिया पंजीरी के भोग का विशेष महत्व है। यह सभी पंजीरियों में से सबसे शुद्ध और सात्विक है और जन्मष्टमी पर इसी का भोग लगाया जाता है। यह स्वाद में बेहतरीन और पौष्टिक होती है।
धनिया पंजीरी बनाने के लिए आपको चाहिए
¼ कप घी
10-12 काजू (कुटे हुए)
10-12 बादाम (कुटे हुए)
½ कप मखाना
2 कप धनिया पाउडर
½ कप कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल
½ कप पिसी चीनी
धनिया पंजीरी बनाने का तरीका
एक कड़ाही में मध्यम आंच पर 1 बड़ा चम्मच घी गर्म करें।
घी के गरम होते ही कढ़ाही में काजू और बादाम डाल कर हल्का ब्राउन होने तक भून लीजिए।
अब इन्हें एक बाउल में निकाल कर एक तरफ रख दें।
उसी पैन में मखाने डालकर क्रिस्पी होने तक भूनें।
इन्हें पैन से निकालें और हल्का क्रश करें। पैन में बचा हुआ घी डालें।
घी के पिघलने पर कढ़ाही में धनिया पाउडर डाल कर ब्राउन और महक आने तक (10-12 मिनट) चलाते हुए भूनें।
भुने हुए मेवे पैन में डालें और अच्छी तरह मिलाएं।
पैन को आंच से हटा लें और मिश्रण को पूरी तरह से ठंडा होने दें।
ठन्डे मिश्रण में सूखा नारियल और पिसी चीनी डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें।
आपका प्रसाद तैयार है!
इन बातों का रखें ध्यान
अगर धनिया पाउडर अच्छी तरह से भुनेगा नहीं तो यह मुंह में कड़वा स्वाद छोड़ देगा। इसलिए, इसे मध्यम आंच पर और अच्छी तरह से सुगंधित और ब्राउन होने तक भूनें।
अगर मिश्रण को ठीक से ठंडा नहीं किया गया तो चीनी हीट से पिघल जाएगी और पंजीरी अजीब बनेगी।


