जन्माष्टमी का खास प्रसाद है धनिया पंजीरी

जन्माष्टमी का खास प्रसाद है धनिया पंजीरी

जन्माष्टमी के लंबे व्रत के बाद लगाएं धनिया पंजीरी का भोग, नहीं होगी पाचन संबंधी समस्याएं

जन्माष्टमी व्रत में धनिया पंजीरी का भोग लगाया जाता है। कभी आपने सोचा है कि आखिर धनिया में ऐसा क्या खास है जो इसे उपवास के बाद प्रसाद के रूप में शामिल किया गया है।
भारतीय घरों में पूजा या त्यौहारों पर पंजीरी बनाने का रिवाज है। यह कई तरीकों से बनाई जाती है और इसमें अलग – अलग सामग्रियों का प्रयोग किया जाता है। पंजीरी अक्सर गेहूं के आटे, बेसन और नारियल से भी बनाई जाती है। परंतु कृष्ण जन्माष्टमी पर यह धनिये से बनाई जाती है। जन्माष्टमी जहां अन्य व्रतों की तुलना में लंबी अवधि का उपवास माना जाता है, वहां धनिया पंजीरी आपके पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद साबित होती है। आइए जानते हैं धनिया पंजीरी के स्वास्थ्य लाभ और इसे बनाने की रेसिपी।

जन्माष्टमी का खास प्रसाद है धनिया पंजीरी

धनिया यूं तो मसालों की श्रेणी में आता है पर यह जन्माष्टमी का खास प्रसाद माना जाता है। व्रतोपवासी लोग इससे रात में अपना व्रत खोलते हैं। मंदिरों में भी धनिया पंजीरी के भोग का विशेष महत्व है। यह सभी पंजीरियों में से सबसे शुद्ध और सात्विक है और जन्मष्टमी पर इसी का भोग लगाया जाता है। यह स्वाद में बेहतरीन और पौष्टिक होती है।

धनिया पंजीरी बनाने के लिए आपको चाहिए

¼ कप घी
10-12 काजू (कुटे हुए)
10-12 बादाम (कुटे हुए)
½ कप मखाना
2 कप धनिया पाउडर
½ कप कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल
½ कप पिसी चीनी

धनिया पंजीरी बनाने का तरीका

एक कड़ाही में मध्यम आंच पर 1 बड़ा चम्मच घी गर्म करें।

घी के गरम होते ही कढ़ाही में काजू और बादाम डाल कर हल्का ब्राउन होने तक भून लीजिए।
अब इन्हें एक बाउल में निकाल कर एक तरफ रख दें।

उसी पैन में मखाने डालकर क्रिस्पी होने तक भूनें।

इन्हें पैन से निकालें और हल्का क्रश करें। पैन में बचा हुआ घी डालें।

घी के पिघलने पर कढ़ाही में धनिया पाउडर डाल कर ब्राउन और महक आने तक (10-12 मिनट) चलाते हुए भूनें।

भुने हुए मेवे पैन में डालें और अच्छी तरह मिलाएं।

पैन को आंच से हटा लें और मिश्रण को पूरी तरह से ठंडा होने दें।

ठन्डे मिश्रण में सूखा नारियल और पिसी चीनी डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें।
आपका प्रसाद तैयार है!

इन बातों का रखें ध्यान

अगर धनिया पाउडर अच्छी तरह से भुनेगा नहीं तो यह मुंह में कड़वा स्वाद छोड़ देगा। इसलिए, इसे मध्यम आंच पर और अच्छी तरह से सुगंधित और ब्राउन होने तक भूनें।

अगर मिश्रण को ठीक से ठंडा नहीं किया गया तो चीनी हीट से पिघल जाएगी और पंजीरी अजीब बनेगी।