जिले में ‘बस्तर मुन्ने’ के तहत प्रत्येक गांव में 01 मई से लगेंगे विशेष संतृप्तता शिविर वंचित परिवारों को योजनाओं से जोड़ने का संकल्प
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिले के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए “बस्तर मुन्ने“ (अग्रणी बस्तर) अभियान का आगाज़ किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत आगामी 01 मई से जिले की सभी ग्राम में विशेष ’संतृप्तता शिविरों’ का आयोजन किया जाएगा।
इस संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी ने बताया कि अभियान का प्राथमिक लक्ष्य एनसीएईआर सर्वेक्षण के दौरान ’नियद नेल्लानार’ योजना के अंतर्गत चिन्हित उन परिवारों को लाभान्वित करना है, जो वर्तमान में किन्हीं कारणों से शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए हैं। प्रशासन का संकल्प इन परिवारों को मुख्यधारा से जोड़कर लाभ का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करना है। यह अभियान विभिन्न चरणों में व्यवस्थित रूप से संचालित होगा।
उन्होंने बताया कि पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल से एक सप्ताह तक विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रमुख सामुदायिक कार्यों जैसे आंगनबाड़ी, उप स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, राशन दुकान, प्राथमिक शाला, खेल मैदान, पहुंच मार्ग (बारहमासी सड़क), विद्युतीकरण, इंटरनेट, पोस्ट ऑफिस, वन धन विकास केंद्र, सी.एस.सी., पंचायत भवन, बैंक, कॉलेज की उपलब्धता एवं सुविधाओं से संबंधित कार्यों का संकलन के साथ ग्राम सभा में अनुमोदन प्राप्त किया जाना है। साथ ही ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित प्रस्तावों पर नियमानुसार जिला स्तर से ही स्वीकृति आदेश जारी किए जाएंगे। ऐसे प्रस्ताव जिनमें शासन स्तर की अनुमति आवश्यक होगी, उन्हें त्वरित कार्यवाही हेतु राज्य शासन को प्रेषित किया जाएगा।
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