छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के लिए खुले वैश्विक बाजार के द्वार; चेम्बर ऑफ कॉमर्स और उद्योग संचालनालय की कार्यशाला संपन्न
छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के लिए खुले वैश्विक बाजार के द्वार; चेम्बर ऑफ कॉमर्स और उद्योग संचालनालय की कार्यशाला संपन्न
आज दिनांक: 24 अप्रैल, 2026 को छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एवं उद्योग संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'Export Awareness and Incentive Schemes' कार्यशाला होटल किंग्सवे में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय व्यापारियों और लघु उद्यमियों को निर्यात (Export) की बारीकियों से अवगत कराना और उन्हें वैश्विक व्यापार मंच पर अपनी पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के तस्वीर पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके पश्चात चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश थौरानी ने मंचस्थ अतिथियों को पुष्पगुच्छ से उनका स्वागत करते हुए अपने संबोधन में व्यापारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के उत्पादों में वैश्विक बाजार पर छा जाने की अपार क्षमता है और चेम्बर व्यापारियों को हर कदम पर सहयोग देने के लिए तैयार है।
चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने आगे बताया कि आज का यह दिन छत्तीसगढ़ के व्यापारिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। हम अक्सर सोचते हैं कि निर्यात (Export) केवल बड़े महानगरों या बड़े घरानों का काम है, लेकिन 'भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी' के आशीर्वाद से आज हम इस धारणा को बदलने आए हैं।
हमारे प्रदेश के छोटे से छोटे उद्यमी का उत्पाद भी सात समंदर पार अपनी पहचान बनाए। श्री जागेश्वर जी और डॉ. राहुल जी आज हमें वे रास्ते दिखाएंगे जिनसे हम वैश्विक बाजार की चुनौतियों को अवसरों में बदल सकेंगे। "हमारा लक्ष्य केवल व्यापार करना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के उत्पादों को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाना है। जब हमारे स्थानीय उत्पादों की अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच बढ़ेगी, तो इससे न केवल व्यापार बढ़ेगा बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। यह राजस्व में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिससे हम 'विकसित भारत' की तर्ज पर 'विकसित छत्तीसगढ़' के संकल्प को सिद्ध कर सकेंगे।"
श्री थौरानी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि जानकारी के आभाव में प्रदेश के उद्योगपति अपने उत्पाद का निर्यात नहीं कर पाते हैं लेकिन अब प्रधानमंत्री के 'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' के संकल्प को सिद्ध करने के लिए राज्य सरकार नई औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक नीति के माध्यम से निर्यातकों को विशेष सुविधाएं, आवश्यक जानकारी और वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध करा रही है। साथ ही छोटे-छोटे युवा व्यवसायी एवं उद्यमी निर्यात संबधी जानकारी हेतु सीएसआईडीसी एवं छत्तीसगढ़ चेम्बर से संपर्क कर सकते हैं।
चेम्बर महामंत्री श्री अजय भसीन ने आयोजन को चेम्बर की नई कार्यशैली का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि निर्यात से सम्बंधित नविन नीतियों की जानकारी हर छोटे व्यापारी तक सुलभ हो रही है। होटल किंग्सवे में उपस्थित व्यापारियों एवं उद्यमियों ने डिजिटल माध्यम से विशेषज्ञों के मार्गदर्शन का लाभ उठाया।
तत्पश्चात कार्यशाला के अगली कड़ी में प्रेजेंटेशन के माध्यम से नीतियों एवं तकनीकी बारीकियों पर विशेषज्ञ सत्र के दौरान कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों ने व्यापारियों को निर्यात से संबंधित महत्वपूर्ण तकनीकी और शासकीय पहलुओं की जानकारी दी उद्योग संचालनालय के डिप्टी डायरेक्टर श्री जागेश्वर कुमार साहू ने 'IDP 2024-30' और 'लॉजिस्टिक पॉलिसी 2025' पर संक्षिप्त प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे सरकार मालभाड़े में सब्सिडी और बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर के जरिए व्यापारियों की निर्यात लागत को कम करने का प्रयास कर रही है।
एक्सपोर्ट PMU के डॉ. राहुल नाथ चौधरी ने तकनीकी सत्र और क्षमता विकास (Capacity Building) पर विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांगों, गुणवत्ता मानकों और एक्सपोर्ट डॉक्यूमेंटेशन की बारीकियों को समझाया और विदेशी भुगतान की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले तकनीकी पहलुओं पर गहन मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस अवसर पर उद्योग संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारियों ने व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि छोटे से छोटे उद्यमी को भी निर्यात प्रक्रिया में आने वाली प्रशासनिक या तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए विभाग निरंतर सहायता प्रदान करेगा।
विशेषज्ञ सत्र के बाद एक सक्रिय 'प्रश्न-उत्तर सत्र' (Q&A Session) आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित व्यापारियों ने निर्यात लाइसेंस, प्रोत्साहन योजनाओं और वैश्विक बाजार की चुनौतियों से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया।
चेम्बर पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में कहा कि छत्तीसगढ़ के उत्पादों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की अपार क्षमता है। इस कार्यशाला के माध्यम से स्थानीय व्यापारियों को वह तकनीकी ज्ञान प्राप्त हुआ है, जिससे वे अपने 'लोकल' व्यवसाय को 'ग्लोबल' बना सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन चेम्बर उपाध्यक्ष जीतेन्द्र शादी जा ने किया तथा चेम्बर कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुन्दरानी ने द्वारा कार्यशाला को सफल बनाने के लिए सभी व्यापारियों, उद्योग विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी, महामंत्री अजय भसीन, सलाहकार संतोष जैन, वाईस चेयरमेन चेतन तारवानी, कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुन्दरानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, कार्यकारी महामंत्री कपिल दोषी, उपाध्यक्ष लोकेश चंद्रकांत जैन, मनीष प्रजापति, दिलीप इसरानी, जितेन्द्र शादिजा, महेंद्र बगरोडिया, प्रकाश लालवानी , सोनिया साहू, सुदेश मध्यान, विनय कुमार साहू, राजेश गिदवानी, मंत्री प्रशांत गुप्ता, राजेन्द्र पारख, अमित चावला, रितेश वाधवा, विनोद पाहवा, आकाश दुलानी, कपिल तारवानी, राहुल खुबचंदानी, संदीप मेघानी, सांस्कृतिक प्रभारी अनिल जोतसिंघानी, दुर्ग चेम्बर इकाई अध्यक्ष अनूप गटागट, कोषाध्यक्ष आनंद अग्रवाल, उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, मे.रायपुर स्वीट एंड स्नेक्स एसोसियेशन अध्यक्ष सुरेश पारख, मे. रायपुर थोक स्टेशनरी विक्रेता संघ अध्यक्ष गोविंदराम चिमनानी, मे. छत्तीसगढ़ ग्लास एसो. अध्यक्ष प्रहलाद शादीजा, मे. रायपुर बारदाना व्यापारी संघ सचीव योगेश भानुशाली, चेम्बर सदस्य निखिल पंड्या, उत्तम भंडारी, हेमंत गोयल, किशन जैन सहित बड़ी संख्या व्यापारीण उपस्थिर रहे।
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