सेंट्रल जेल बिलासपुर में 30 निरुद्ध बंदियों को दिया गया 10 दिवसीय मशरूम प्रशिक्षण
मन्नू मानिकपुरी संवाददाता बिलासपुर
बिलासपुर। महानिदेशक, जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं, रायपुर, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार एवं अधीक्षक, केंद्रीय जेल बिलासपुर के खोमेश मांडवी मार्गदर्शन में निरुद्ध बंदियों को कौशल विकास एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (SBI RSETI) बिलासपुर की ओर से केंद्रीय जेल बिलासपुर में 30 निरुद्ध बंदियों के लिए 10 दिवसीय मशरूम उत्पादन एवं मूल्यवर्धित उत्पाद निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य निरुद्ध बंदियों को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें कौशल प्रदान कर समाज की मुख्यधारा में पुनः जोड़ने की दिशा में सकारात्मक प्रयास करना रहा। प्रशिक्षण के माध्यम से बंदियों में आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास एवं भविष्य में सम्मानजनक आजीविका प्राप्त करने की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन में SBI RSETI बिलासपुर के संस्थान निदेशक राजेंद्र साहू के मार्गदर्शन में फैकल्टी दीप्ति मंडल एवं जगदीश पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्थान की टीम द्वारा प्रशिक्षणार्थियों के बैच का गठन, आवश्यक समन्वय तथा प्रशिक्षण संबंधी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से पूरा किया गया।
10 दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के दौरान मास्टर ट्रेनर जागृति साहू ने 30 निरुद्ध बंदियों को लगातार प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण में विभिन्न प्रकार के मशरूम की पहचान, मशरूम उत्पादन के लिए आवश्यक सामग्री, उत्पादन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक प्रक्रिया, तापमान एवं नमी का प्रबंधन, स्वच्छता एवं सावधानियां, मशरूम की देखभाल, कटाई एवं भंडारण सहित उत्पादन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही मशरूम से विभिन्न प्रकार के मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने की प्रक्रिया भी प्रशिक्षणार्थियों को समझाई गई।
प्रशिक्षण के दौरान सभी 30 प्रशिक्षणार्थियों ने मशरूम उत्पादन की तकनीक को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक दोनों रूपों में समझा। प्रशिक्षणार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मशरूम उत्पादन को संभावित स्वरोजगार गतिविधि के रूप में अपनाने में रुचि दिखाई।
प्रशिक्षण के अंतिम दिवस प्रतिभागियों के कौशल एवं प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान का मूल्यांकन किया गया। छत्तीसगढ़ RSETI के राज्य नियंत्रक अरुण सोनी जी के निर्देशन में मूल्यांकनकर्ता चंदन साहू एवं रामकुमार बसु द्वारा 30 निरुद्ध बंदियों का मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन के दौरान प्रशिक्षणार्थियों की विषय संबंधी समझ, व्यावहारिक ज्ञान एवं मशरूम उत्पादन से जुड़े कौशल का परीक्षण किया गया। मूल्यांकन के अवसर पर जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी एवं जेल के सभी अधिकारी उपस्थित रहे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल कौशल विकास और स्वरोजगार तक सीमित न होकर निरुद्ध बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने, उनमें सकारात्मक सोच एवं आत्मविश्वास विकसित करने तथा उन्हें भविष्य में समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रहा। प्रशिक्षण के माध्यम से बंदियों को यह अवसर प्रदान किया गया कि वे जेल से बाहर आने के बाद अर्जित कौशल का उपयोग कर सम्मानजनक आजीविका प्राप्त कर सकें और समाज में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
SBI RSETI एवं केंद्रीय जेल बिलासपुर की यह पहल कौशल विकास, स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक पुनर्वास की दिशा में एक सराहनीय कदम के रूप में सामने आई।




