रिहायशी क्षेत्रों के अवैध व्यावसायिक उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई सख्ती, देशभर में जांच के निर्देश

रिहायशी क्षेत्रों के अवैध व्यावसायिक उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट  ने जताई सख्ती, देशभर में जांच के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने रिहायशी क्षेत्रों के अवैध व्यावसायिक उपयोग पर जताई सख्ती, देशभर में जांच के निर्देश

नई दिल्ली/रायपुर। देशभर में रिहायशी इलाकों के अवैध रूप से कमर्शियल उपयोग के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए Supreme Court of India ने कड़ा रुख अपनाया है। यह निर्देश Loganathan v. State of Tamil Nadu & Ors. मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया।

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति Justice Ahsanuddin Amanullah और Justice R. Mahadevan की खंडपीठ ने कहा कि रिहायशी क्षेत्रों का बिना अनुमति व्यावसायिक उपयोग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे नागरिकों के शांतिपूर्ण जीवन के अधिकारों का भी हनन होता है।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की गतिविधियों से शहरी व्यवस्था, यातायात, पर्यावरण और जीवन की गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, जिसे किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों के नगर निगमों और संबंधित प्राधिकरणों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जांच कर यह पहचान करें कि किन रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। साथ ही, इन सभी मामलों की विस्तृत सूची तैयार कर हलफनामे के रूप में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन पर संबंधित अधिकारियों के व्यक्तिगत हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।

न्यायालय ने यह भी कहा कि जांच का दायरा व्यापक होगा और इसमें सभी रिहायशी कॉलोनियां, समूह आवासीय परिसर तथा वे क्षेत्र भी शामिल होंगे जो व्यवहार में शहरी क्षेत्र का हिस्सा हैं।

इस मामले में न्यायालय की सहायता के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया गया है। प्रकरण की अगली सुनवाई 20 मई 2026 को निर्धारित की गई है।

यह आदेश देश में शहरी नियोजन और रिहायशी क्षेत्रों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि यह अंतिम निर्णय नहीं है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत जारी निर्देश हैं, जिनके आधार पर आगे विस्तृत सुनवाई के पश्चात अंतिम निर्णय लिया जाएगा।