शराब माफिया बेखौफ, सरकार मौन, क्या कमीशनखोरी के संरक्षण में चल रहा अवैध शराब का खेल?
भाजपा सरकार में नकली शराब पैकिंग का कारोबार फल-फूल रहा, सरकारी होलोग्राम-लेबल माफियाओं तक कैसे पहुंच रहे?
शराब माफिया बेखौफ, सरकार मौन, क्या कमीशनखोरी के संरक्षण में चल रहा अवैध शराब का खेल?
रायपुर/10 सितंबर 2026। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के संरक्षण में छत्तीसगढ़ में नकली एवं अवैध शराब की पैकिंग और कालाबाजारी का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जिस तरह हजारों खाली शराब की बोतलें, ढक्कन, सरकारी होलोग्राम और लेबल बरामद हो रहे हैं, उससे साफ है कि यह कोई छोटे स्तर का अवैध कारोबार नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क है। कांकेर के भानुप्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम बसंतनगर में हजारों खाली शराब की बोतलें, ढक्कन और सरकारी होलोग्राम का मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है। इसके पहले राजनांदगांव के डोंगरगढ़ क्षेत्र में 432 पेटी अवैध शराब, हजारों खाली बोतलें, ढक्कन और होलोग्राम बरामद हुए थे। राजधानी रायपुर के लालपुर स्थित सरकारी शराब दुकान में भी 200 पेटी मिलावटी शराब मिलने का मामला सामने आया था।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि राजनांदगांव सहित सभी जिले में सरकारी शराब दुकानों से प्रति पेटी 200 रुपये कमीशन लेकर अवैध बिक्री के लिए शराब सप्लाई किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। रायगढ़ के धनागर और कुरमापाली में 395 लीटर महुआ शराब पकड़ी गई। सक्ती के देवरमाल, बिलासपुर के सीपत, मस्तूरी, बिल्हा, सरकंडा, दुर्ग के सुपेला, रायपुर के डीडी नगर और देवेंद्र नगर, बालोद सहित प्रदेश के अनेक हिस्सों में अवैध शराब का कारोबार लगातार सामने आ रहा है। सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कुछ लोगों के पास नकली शराब या शराब बनाने की सामग्री कैसे पहुंची। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी होलोग्राम, लेबल और पैकिंग सामग्री अवैध शराब कारोबारियों के हाथों तक कैसे पहुंच रही है? सरकारी तंत्र की निगरानी के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री कैसे इकट्ठी हो रही है?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार से पूछा शराब की दुकानों और पूरे शराब कारोबार की निगरानी की जिम्मेदारी किसकी है? नकली होलोग्राम और सरकारी लेबल अवैध कारोबारियों तक कैसे पहुंचे? क्या सरकार केवल छोटे आरोपियों को पकड़कर खानापूर्ति करेगी या उस पूरे नेटवर्क तक जांच पहुंचेगी जो यह सामग्री उपलब्ध करा रहा है? सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब की सप्लाई और कमीशनखोरी के आरोपों की जांच कब होगी? यदि सरकारी शराब दुकानों से कमीशन लेकर अवैध शराब की सप्लाई हो रही है तो यह सिर्फ आबकारी विभाग की नाकामी नहीं, बल्कि सरकारी संरक्षण में चल रहे शराब माफिया के गठजोड़ का गंभीर मामला है। भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि शराब माफिया इतना बेखौफ कैसे हो गया?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में शराबबंदी की मांग कर रही महिलाओं की आवाज को मानने के बजाय शराब के कारोबार को बढ़ावा देने का रास्ता चुना है। एक तरफ गली-मोहल्लों में अवैध शराब का कारोबार फैल रहा है, दूसरी तरफ सरकार शराब की बिक्री बढ़ाने के लिए होटल-ढाबों को ऑफर दे रही है। यह कैसी सुशासन की सरकार है, जहां शराब माफिया सक्रिय है और सरकार जिम्मेदारी से भाग रही है? भाजपा सरकार शराब माफिया के पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराए, सरकारी होलोग्राम-लेबल की सप्लाई चेन की जांच करे और जिन अधिकारियों, कर्मचारियों तथा प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करे। केवल बोतल और शराब पकड़ने से काम नहीं चलेगा, उस पूरे सिस्टम को पकड़ना होगा जो नकली शराब के कारोबार को खाद-पानी दे रहा है।


