आध्यात्मिक, व्यापारिक एवं नई संभावनाओं की खोज का अनुभव लेकर लौटा चेम्बर का कश्मीर अध्ययन दल, भव्य स्वागत
आध्यात्मिक, व्यापारिक एवं नई संभावनाओं की खोज का अनुभव लेकर लौटा
चेम्बर का कश्मीर अध्ययन दल, भव्य स्वागत
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का प्रतिनिधिमंडल कश्मीर की सफल अध्ययन एवं व्यापारिक यात्रा पूर्ण कर वापस लौटा। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी जी के मार्गदर्शन में,भिलाई चेम्बर के अध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्रा के नेतृत्व तथा महामंत्री अजय भसीन के सानिध्य में संपन्न हुई।
प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी जी ने इस यात्रा का उद्देश्य कश्मीर की व्यापारिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन संभावनाओं का अध्ययन कर दोनों क्षेत्रों के बीच सहयोग के नए आयाम तलाशना बताया।
महामंत्री अजय भसीन ने बताया कि यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कश्मीर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक संबंधों को सुदृढ़ करने, उद्योगों के विकास, निवेश की संभावनाओं तथा व्यापारिक उन्नति के विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
उन्होंने बताया कि श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चैक क्षेत्र के व्यापारियों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याओं, चुनौतियों एवं संभावित समाधानों पर सार्थक चर्चा की। इस दौरान व्यापारिक वातावरण को और अधिक अनुकूल बनाने तथा दोनों राज्यों के व्यापारियों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क बढ़ाने पर सहमति बनी।
भिलाई चेम्बर अध्यक्ष गार्गी शंकर मिश्रा ने यात्रा का विवरण देते हुए बताया कि यात्रा के दौरान कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं एवं सामाजिक जीवन का भी अध्ययन किया गया। सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने तथा दोनों क्षेत्रों के लोगों को एक-दूसरे की संस्कृति से परिचित कराने पर विशेष चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि उन प्राचीन मंदिरों का भी भ्रमण किया, जिन्हें अतीत में क्षति पहुंचाई गई थी और जो आज पुनः अपनी पहचान प्राप्त कर रहे हैं। इन ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित करने तथा पर्यटकों को आकर्षित करने के प्रयासों को प्रोत्साहित करने पर विचार किया गया।
दल ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) क्षेत्र के पर्यटन स्थलों का भी अवलोकन किया तथा देशभर के पर्यटकों को इन क्षेत्रों की यात्रा के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
व्यापारिक दृष्टि से कश्मीर के प्रमुख उत्पादों सेब, अखरोट एवं अन्य कृषि उत्पादों को छत्तीसगढ़ के बाजारों तक पहुंचाने तथा छत्तीसगढ़ के उत्पादों को कश्मीर के बाजारों में उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। दोनों क्षेत्रों के व्यापारियों के बीच सीधे व्यापारिक संबंध स्थापित करने के लिए सकारात्मक पहल करने पर सहमति बनी।
कश्मीर यात्रा से लौटने पर प्रतिनिधिमंडल का रायपुर एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर कार्यकारी महामंत्री कपिल दोशी, उपाध्यक्ष -विकास पंजवानी , आनंद श्रीवास्तव, मंत्री-आकाश दुदानी, निखिल झावेरी, सांस्कृतिक प्रभारी अनिल जोतसिंघानी, व चेम्बर के सदस्यों, व्यापारियों एवं शुभचिंतकों ने प्रतिनिधिमंडल का पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर अभिनंदन किया तथा इस अध्ययन यात्रा को व्यापार, पर्यटन एवं सांस्कृतिक एकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

