पीएम मोदी की अध्यक्षता में सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी, 1.27 लाख करोड़ रुपये से बनेगा भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए 1,27,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर डिज़ाइन, विनिर्माण और अनुसंधान का मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना तथा देश को वैश्विक सेमीकंडक्टर मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाना है।
सरकार ने बताया कि सेमीकॉन 2.0 छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगा।
पहले स्तंभ के तहत चिप डिज़ाइन को बढ़ावा दिया जाएगा। वर्तमान में 105 स्टार्टअप चिप डिज़ाइन पर काम कर रहे हैं। नई योजना के तहत बौद्धिक संपदा (आईपी), चिप डिज़ाइन और रणनीतिक व व्यावसायिक उत्पादों के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
दूसरे स्तंभ में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए आवश्यक मशीनों, रसायनों, गैसों और अन्य सामग्री के उत्पादन तथा अनुसंधान को प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे देश में उच्च गुणवत्ता वाले विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
तीसरे स्तंभ के अंतर्गत अधिक फैब्रिकेशन संयंत्र (फैब) स्थापित करने पर जोर रहेगा। पहला फैब वर्ष 2028 तक शुरू होने की संभावना है। सरकार सिलिकॉन फैब, कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब, डिस्क्रीट कंपोनेंट फैब और डिस्प्ले फैब जैसी इकाइयों को आकर्षित करेगी।
चौथे स्तंभ में एटीएमपी/ओसैट (पैकेजिंग एवं परीक्षण) उद्योग को और मजबूत किया जाएगा। सरकार उन्नत पैकेजिंग तकनीकों को भारत लाने के लिए वैश्विक कंपनियों को प्रोत्साहित करेगी।
पांचवें स्तंभ के तहत अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। 28 नैनोमीटर से 110 नैनोमीटर तकनीक से आगे बढ़ते हुए अधिक उन्नत तकनीकों पर अनुसंधान किया जाएगा।
छठे स्तंभ में कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वर्तमान में 315 विश्वविद्यालयों में लगभग 68 हजार छात्र आधुनिक चिप डिज़ाइन का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस प्रशिक्षण को और व्यापक बनाया जाएगा तथा उद्योगों की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी।
सरकार के अनुसार, यह योजना आर्थिक विकास को गति देने, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने, राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में सहायक होगी।
सेमीकॉन 1.0 की प्रगति
सरकार ने बताया कि अब तक 12 विनिर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें कुल 1.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। इनमें एक सिलिकॉन फैब, एक सिलिकॉन कार्बाइड फैब, एक गैलियम नाइट्राइड माइक्रो एलईडी डिस्प्ले फैब और नौ पैकेजिंग इकाइयां शामिल हैं। इनमें से माइक्रोन, केयन्स और सीजी सेमी ने व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है, जबकि एक अन्य इकाई वर्ष 2026 में उत्पादन शुरू करेगी।
डिज़ाइन क्षेत्र में अब तक 24 स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की परियोजनाओं को वित्तीय सहायता दी गई है, जबकि 105 स्टार्टअप और एमएसएमई को अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक डिज़ाइन ऑटोमेशन (ईडीए) उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। ये कंपनियां उपग्रह संचार, ड्रोन, निगरानी कैमरे, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), कृत्रिम बुद्धिमत्ता, दूरसंचार उपकरण और स्मार्ट मीटर जैसे क्षेत्रों के लिए चिप विकसित कर रही हैं।

