केंद्र सरकार 4 लेबर कोड रद्द करे- गोपाल साहू, प्रदेश अध्यक्ष, AAP, छग

केंद्र सरकार 4 लेबर कोड रद्द करे- गोपाल साहू, प्रदेश अध्यक्ष, AAP, छग

केंद्र सरकार 4 लेबर कोड रद्द करे- गोपाल साहू, प्रदेश अध्यक्ष, AAP, छग

श्रमजीवी वर्ग में केंद्र की नीतियों पर इतना तीव्र विरोध जायज - सूरज उपाध्याय, मुख्य प्रवक्ता, AAP, छग

रायपुर, 7 जुलाई 2025। आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल साहू ने केंद्र के 4 लेबर कोड के विरोध में देश के समस्त ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा है कि भाजपा की केन्द्र सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान जब देश की जनता जिन्दगी और मौत की लड़ाई लड़ रही थी, मजदूरों के 44 श्रम कानूनों में से 29 प्रभावशाली कानूनों को खत्म कर चार नए लेबर कोड (श्रम संहिता) बनाए। इन 4 नये कोड लागू होने पर मजदूरों ने अपने संघर्षों और बलिदानों से जो श्रम कानून हासिल किये थे, भाजपा सरकार ने उसे खत्म कर दिया। सरकार ने यूनियन बनाना, पंजीकरण करवाना लगभग असंभव कर दिया और अगर यूनियन बन भी गई तो सरकार उसे कभी भी खत्म कर सकती है। धरना, प्रदर्शन और हड़ताल करने पर भारतीय न्याय संहिता (IPC) की धारा 111 के तहत जेल और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। स्थाई रोजगार की जगह, बीजेपी सरकार निश्चित अवधि, प्रशिक्षु, आउटसोर्स, और  हर काम का ठेकाकरण नया फरमान ले आई है। स्थाई नौकरी ना होने पर मजदूर अपने अधिकार के लिए लामबंद नहीं हो सकेंगे और ग्रेच्युटी व अन्य लाभों से वंचित हो जाएँगे। बिना नोटिस के मजदूरों को नौकरी से निकाला जा सकता है। कारखाने में 40 से कम मजदूर होने पर न्यूनतम वेतन, ई.पी.एफ, व अन्य श्रम कानून लागू नही होंगे।

प्रदेश महासचिव (सोशल मीडिया, मीडिया प्रभारी),मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय ने कहा कि महिलाओं को कारखानों में रात की पाली में भी काम में लगने की अनुमति होगी, जो पहले नहीं था। कारखानों में मजदूरों के लिए काम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिए गए। भाजपा के मित्र उद्योगपति गौतम अडानी तो दिन में 15 घंटे काम की न केवल वकालत कर रहे हैं बल्कि उसे औचित्यपूर्ण बताकर ऐसा प्रावधान की मांग उठा रहे हैं, याने मजदूर अपनी पूरी देह गलाकर केवल उनके लिए मुनाफे पैदा करे यह उनकी सोच है । ई.पी.एफ. का अंशदान पहले 12% था, अब घटाकर 10% कर दिया जा रहा इससे मजदूरों को मासिक 4% का नुकसान हो रहा है ।
 
प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी व प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन सिंह ने कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा लगातार मनेरगा बजट में कटौती की जा रही है। जिसके कारण मजदूरों को 100 दिन का काम नहीं मिल रहा। मनरेगा में रोजगार ना मिलने से कल्याण बोर्ड में पंजीकृत मजदूरों का नवीनीकरण नहीं हो रहा और उन्हें शादी, मृत्यु पर आर्थिक लाभ आदि के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। भाजपा की सरकार आँगनबाड़ी, मिड डे मील, आशा वर्कर के बजट में लगातार कटौती कर रही है। इन कार्मिकों को समय पर मानदेय नहीं मिल रहा और सरकार निजीकरण करने की ओर बढ़ रही है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला होने पर भी आँगनबाड़ी कार्यकर्ता/सेविकाओं को सेवानिवृत्त होने पर ग्रेच्युटी नहीं दे रही है।

रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अज़ीम खान, महासचिव प्रदुमन शर्मा व लोकसभा कोषाध्यक्ष नवनीत नंदे ने कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार बिजली बोर्ड, बीमा, बैंक, बंदरगाहों, राष्ट्रीय राज्य मार्गों आयुध निर्माणियों, एफआरआई, रेलवे आदि का निजीकरण कर रही है और अपने चहेते उद्योगपतियों अडानी, अंबानी, टाटा, बिडला और कुछ अन्य उद्योगपतियों को देश की संपदा कौड़ियों के भाव बेच रही है। स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य सरकार ने प्राइवेट कंपनी को दे रखा है। स्मार्ट मीटर के रुप में 10000 रुपए के करीब बिजली उपभोक्ता से वसूले जा रहें हैं।

रायपुर शहर अध्यक्ष पुनारद निषाद, उपाध्यक्ष मिथलेश साहू ने कहा कि केन्द्र सरकार ने नए मोटर व्हीकल एक्ट में प्रावधान किया है कि यदि ड्राइवर एक्सीडेंट करता है और मौके से भाग जाता है तो उसे 10 वर्षों की जेल और 10 लाख रुपए जुर्माना भरना होगा। भाजपा की केन्द्र सरकार ने मजदूरों व अन्य तबकों के खिलाफ जो नए कानून बनाए हैं, इनके लागू होने पर देश का मजदूर, कर्मचारी पूरी तरह मालिकों का गुलाम बना दिया जाएगा। श्रमिकों की जायज मांग पर की जाने वाली हड़ताल को भी वह कभी भी गैरकानूनी घोषित करने का प्रावधान कर रही है । एक ओर सरकार मजदूरों को गुलाम बनाए का रास्ता सुगम कर रही है वहीं दूसरी ओर देश के सार्वजनिक सम्पत्ति विनिवेशीकरण, निजीकरण के जरिए बड़े निजी पूंजीपतियों के हाथों सौंप रही है और श्रमिक वर्ग जब इन नीतियों का विरोध कर रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ, पेंशन के बुनियादी अधिकार न्यूनतम वेतन

वेतन, समान काम समान वेतन की मांग पर आवाज उठाता है तो उन्हें कभी देशद्रोही करार देकर व नफरती साम्रदायिक विभाजन के नारों की आड़ में षड्यंत्र कर उसकी एकता को ही खंडित करने का कुचक्र चला देती है। 

आम आदमी पार्टी केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा बनाए गए 4 लेबर कोड को रद्द करने की मांग करती है। साथ ही देश के समस्त ट्रेड यूनियनों  द्वारा इन लेबर कोड की वापसी की मांग को लेकर आगामी 9 जुलाई को एक दिन की देशव्यापी हड़ताल का समर्थन करती है।